आंदोलनकारियों के तेवर देख प्रशासन ने खींचे कदम, मोर्चे पर डटे रहे किसान- मथुरा

दो दिसम्बर से बाजना के मोरकी इंटर काॅलेज मैदान पर चल रहे किसान आंदोलन का नेतृत्व कर रहे खांटी किसान नेता रामबाबू कटैलिया को जिला प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिया था। रात में ही धरना स्थल से किसानों के टैंट तम्बू भी हटवा दिये गये। इस बात की खबर सुबह आसपास के गांवों में जंगल में आग की तरफ फैल गई। आसपास के गांवों से सैंकड़ों की सँख्या में किसान धरना स्थल पर पहुँच गये। किसानों की संख्या को देखते हुए आंदोलन स्थल पर बडी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। इससे गुस्साईं महिलाओं ने रविवार की सुबह गांव अवाखेड़ा के पास यमुना एक्सप्रेसवे पर पेड़ डालकर जाम लगा दिया। इस दौरान एक्सप्रेसवे पर दो किलोमीटर तक जाम लग गया। इससे प्रशासन में खलबली मच गई। महिलाओं ने कटैलिया को छोड़ने की मांग की। पुलिस ने कटैलिया को छोड़ा, तब महिलाओं ने जाम खोला। इस दौरान लगभग 25 मिनट तक एक्सप्रेसवे पर जाम लगा रहा। रविवार की सुबह करीब साढ़े 11 बजे किसानों के परिवारों की महिलाएँ गांव अवाखेड़ा क्षेत्र के पास एक्सप्रेसवे पर पहुंच गईं और पेड़ डालकर नोएडा से आगरा जाने वाले रास्ते पर जाम लगा दिया। महिलाओं ने कहा कि जब तक कटैलिया को नहीं छोड़ा जाएगा तब तक जाम नहीं खुलेगा। महिलाएं कटैलिया से फोन पर बात करना चाह रही थीं। महिलाओं का आक्रोश देखते हुए प्रशासन ने कटैलिया को छोड़ दिया। इसके बाद महिलाओं ने 11 बजकर 50 मिनट पर जाम खोल दिया। । उधर, सीओ मांट धर्मेंद्र चौहान ने बताया कि रामबाबू कटैलिया को पूछताछ के लिए पुलिस ले गई थी। पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।

धरना स्थल पर ऐसे घटा पूरा घटनाक्रम-

शनिवार की पूरी रात प्रशासनिक अफसर भारतीय किसान कल्याण समिति के अध्यक्ष चौ. रामबाबू सिंह कटैलिया को मनाने में लगे रहे। लेकिन उन्होंने समस्याओं के समाधान न होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही। जिसके बाद किसान नेता चौ. रामबाबू कटैलिया को पुलिस ने हिरासत में लिया। किसान नेता चौ. रामबाबू सिंह कटैलिया ने धरने के 11वें दिन नौहवारी-नरवारी क्षेत्र के दर्जनों गांवों में बाइक रैली निकालकर शासन-प्रशासन को अपनी ताकत का एहसास कराया था।
इसके बाद दिन छिपते ही स्थानीय शासन-प्रशासन के अधिकारी धरना स्थल पर पहुंच गए। रात तकरीबन 11 बजे तक एसडीएम मांट श्याम अवध चौहान व सीओ धर्मेन्द्र चौहान ने कटैलिया को मनाने की कोशिश की। जिसके बाद रात 11ः30 बजे एसपी देहात श्रीशचंद्र सहित तमाम आला अफसर कटैलिया को लेकर गांव पचछरा पहुंचे। जहां जमीन के विवादास्पद मामले की जांच की। करीब तीन घंटे नाली विवाद व जमीन की पैमाइश चलती रही। पचहरा निवासी राजकुमार जाटव के अनुसार रात 3ः30 बजे किसान नेता रामबाबू कटैलिया आला अधिकारियों के साथ गाड़ी में बैठकर गए हैं। लेकिन सुबह कटैलिया धरना स्थल पर नहीं दिखे। सूत्रों की मानें तो किसान नेता रामबाबू सिंह कटैलिया को पुलिस ने हिरासत में लिया है। वहीं बताया जा रहा है कि डीएम सर्वज्ञराम मिश्र व एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने किसान नेता चौ. रामबाबू सिंह कटैलिया को बातचीत करने के लिए मथुरा बुलाया है। उधर किसान नेता चौ. रामबाबू सिंह कटैलिया को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश का माहौल है। रविवार सुबह से ही धरना स्थल पर लोग जुटने लग गए हैं।

कटैलिया यमुना एक्सप्रेस वे आंदोलन से आये थे सुर्खियों में
रामबाबू कटैलिया यमुना एक्सप्रेस वे के निर्माण के लिए सरकार द्वारा किसानों की जमीन लिये जाने के दौरान मुआवजे के लिए चले आंदोलन से सुर्खियों में आये थे। रामबाबू कटैलिया ने सरकार की नाम में दम कर के रख दिया था। गैर राजनीतिक आंदोलन के सहारे उन्होंने किसानों के लिए संघर्ष किया था। यमुना एक्सप्रेस वे के आसपास और कलक्ट्रेट पर कई महीने तक चले इस आंदोलन ने उन्हें देशभर में पहचान दिला दी थी। नौहवारी और नरवारी में उनका खासा प्रभाव है। किसान उनकी कही बात पर विश्वास करते हैं।

किसान बोले हमारा नेता लापता है
धरना स्थल पर भारी संख्या में जुटे किसानों की पहली मांग यही थी कि उनकी बात उनके नेता रामबाबू कटैलिया से कराई जाये।

“शांति व्यवस्था किसी को भंग नहीं करने देंगे। माहौल खराब करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

  • डॉ. गौरव ग्रोवर, एसएसपी

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