
हरदोई जनपद में बतौर पुलिस अधीक्षक 15 जुलाई 2024 कार्यभार संभालने वाले नीरज जादौन अब तक पांच सब इंस्पेक्टर, चार मुख्य आरक्षी ,व 8 आराछियों को मिलाकर कुल 17 लोगों को रिश्वत खोरी, भ्रष्ट आचरण, लापरवाही , v विभागीय छवि को धूमिल करने के आरोप में अब तक कर चुके हैं निलंबित ।
आपको बताते चलें की पूर्ववर्ती पुलिस कप्तान थाना प्रभारियों दरोगाओं, मुख्य आरक्षी , व आरक्षी को करते थे लाइन हाजिर।
आम जन चर्चा है की लाइन हाजिर कोई सजा नहीं होती क्योंकि लाइन से ही पुलिस के अधिकारी व कर्मचारी विभिन्न थानों पर भेजे जाते हैं और थानों से यदि लाइन बुला लिया जाए तो कोई सजा नहीं होती जबकि निलंबन बहुत बड़ा विभागीय दंड होता है।
सूत्रों की बात को यदि सच माने तो जनपद के विभिन्न थानों में तैनात कुछ थानेदार स्वयं के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई होने की आशंका के चलते अपनी थानेदारी छोड़ना चाहते हैं।
पुलिस अधीक्षक नीरज जादौन द्वारा निलंबित किए जाने वाले उप निरीक्षकों में हृदय राम यादव ,अभय कुमार सिंह ,रामलाल सोनकर, मोहम्मद तौफीक व दिनेश कुमार शामिल है ।
इसी प्रकार मुख्य आरक्षी विश्वजीत सिंह ,रामविलास, रामराज यादव व रामखेलावन को निलंबित किया गया है ।
जबकि आरक्षी में सोनू फौजदार, मोनू कुमार ,आदेश कुमार पंकज कश्यप ,विकास कुमार, धर्मेंद्र सिंह पांचाल, सचिन विहान और गोलू को निलंबित किया जा चुका है।
पुलिस अधीक्षक नीरज जादौन की उपरोक्त कार्रवाई से विवादास्पाद व भ्रष्ट कार्यशैली के लिए चर्चित थाना अध्यक्षों सब इंस्पेक्टर, मुख्य आरक्षी व आरक्षी में हड़कंप मचा हुआ दिखाई पड़ रहा है , और उपरोक्त सभी लोग पुलिस अधीक्षक की कार्यशैली व निर्देशों के अनुरूप स्वयं को ढालने का प्रयास करने में गंभीरता पूर्वक जुटे हुए दिखाई पड़ रहे हैं।
