नई दिल्ली, 15 जुलाई:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश को आगे बढ़ाने के लिए तीन अहम क्षेत्रों—शिक्षा, तकनीक और ग्रामीण विकास—पर केन्द्रित कार्यक्रमों की शुरुआत की। ये घोषणाएं साफ दर्शाती हैं कि सरकार 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर बेहद गंभीर और सक्रिय है।
प्रधानमंत्री ने आज देशभर के सरकारी स्कूलों को डिजिटल रूप से जोड़ने के लिए “एक भारत डिजिटल स्कूल मिशन” की शुरुआत की। इस अभियान के तहत अगले एक वर्ष में 10,000 से अधिक स्कूलों में हाई-स्पीड इंटरनेट, स्मार्ट बोर्ड, वर्चुअल लाइब्रेरी और ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म्स स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि “21वीं सदी का भारत ज्ञान आधारित समाज होगा, और इसके लिए हमारे बच्चों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ना अनिवार्य है।”
तकनीक के क्षेत्र में प्रधानमंत्री ने आज “भारत क्वांटम मिशन” के दूसरे चरण की घोषणा की, जिसके अंतर्गत AI, क्वांटम कंप्यूटिंग, और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए 1000 नए शोध एवं प्रशिक्षण केंद्र खोले जाएंगे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत को वैश्विक टेक्नोलॉजी नेतृत्व में अग्रणी बनाने के लिए नवाचार को गांव-गांव तक ले जाना जरूरी है।
इसके अलावा प्रधानमंत्री ने “आत्मनिर्भर ग्राम योजना” के नए चरण का शुभारंभ करते हुए बताया कि अब देश के 50,000 गांवों को सौर ऊर्जा आधारित कृषि पंप, जैविक खाद संयंत्र और आधुनिक जल संचयन प्रणाली से जोड़ा जाएगा। इसका उद्देश्य है खेती की लागत को घटाना, ग्रामीण रोजगार बढ़ाना और पर्यावरण संरक्षण को सुनिश्चित करना।
इन तीनों योजनाओं के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी ने यह संकेत दिया कि देश की बुनियाद को मजबूत किए बिना ऊँचाई की कल्पना अधूरी है। शिक्षा से सोच बदलेगी, तकनीक से शक्ति आएगी और गांवों की आत्मनिर्भरता से भारत का भविष्य सुरक्षित होगा।
