शिक्षा, ऊर्जा और कौशल विकास पर सीएम योगी का फोकस, यूपी को आत्मनिर्भर बनाने की नई पहलें शुरू

लखनऊ, 15 जुलाई:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में तीन महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत कर साफ संकेत दिया कि उनकी सरकार अब शिक्षा, ऊर्जा और युवाओं के कौशल को नई प्राथमिकता देने जा रही है। एक ही दिन में की गई इन घोषणाओं ने सरकारी तंत्र में तेजी और नीति में स्पष्टता का संकेत दिया।

मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में स्कूल पेयरिंग नीति लागू करने का निर्देश दिया, जिससे ग्रामीण और शहरी स्कूलों के बीच संसाधनों का बेहतर वितरण हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, इसके लिए खाली पड़े शिक्षकों के पदों को तत्काल भरने की प्रक्रिया शुरू की जाए। स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय, शौचालय और पेयजल जैसी आधारभूत सुविधाएं हर विद्यालय में उपलब्ध कराई जाएंगी।

ऊर्जा क्षेत्र में ‘ग्राम ऊर्जा मॉडल’ की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने बायोगैस आधारित रसोई प्रणाली को बढ़ावा देने की बात कही। इस मॉडल से गांवों की एलपीजी पर निर्भरता 70 प्रतिशत तक घटेगी, किसानों को अतिरिक्त आमदनी मिलेगी और पर्यावरण को भी लाभ पहुंचेगा। सरकार का लक्ष्य है कि जैविक खाद और हरित ऊर्जा से ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाया जाए।

इसी क्रम में, मुख्यमंत्री ने लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर दो दिवसीय ‘स्किल ओलंपिक’ का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में युवाओं को AI, IoT, रोबोटिक्स जैसी अत्याधुनिक तकनीकों में प्रशिक्षण देने और उन्हें रोजगारपरक अवसर प्रदान करने पर ज़ोर दिया गया। सीएम ने कहा कि “कुशल युवा ही आत्मनिर्भर भारत की रीढ़ हैं।”

इन तीनों पहलों के माध्यम से योगी सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह केवल नीतियां बनाने में नहीं, बल्कि उन्हें ज़मीन पर उतारने और प्रदेश के हर नागरिक तक पहुँचाने में विश्वास रखती है।

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