भारत बंदः किसान संगठनों को छेडा नहीं, बाकी को छोडा नहीं!

भारत बंदः किसान संगठनों को छेडा नहीं, बाकी को छोडा नहीं!
-सपा, रालोद, कांग्रेस नेताओं को नहीं दिया हिलने का मौका
-होलीगेट से हिरासत में लिये रालोद और कांग्रेस के नेता
-सपा नेताओं को किया….से गिरफ्तार
-मथुरा-वृंदावन के चैराहे-तिराहों पर भी जवान रखेंगे नजर

मथुरा। कृषि कानूनों के विरोध में किसान संगठनों के देशव्यापी भारतबंद के दौरान मंगलवार को दिनभर सरगर्मी बनी रही। जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद रहा। साफ रणनीति के तहत जिला प्रशासन ने किसान संगठनों के कार्यकर्ताओं को कहीं छेडा नहीं और किसान आंदोलन के समर्थन में उतरे राजनीतिक दलों के नेताओं को हिलने तक का मौका नहीं दिया। किसान आंदोलन से निपटने के लिए पूरे जनपद में सेक्टर स्कीम लागू कर दी गई है। पूरे जनपद को डेढ दर्जन सैक्टर में बांटा कर सेक्टर मजिस्टेट की तैनाती की गई थी। यूपी पुलिस के साथ पीएसी और रेपिडएक्शन फोर्स के जनवानों को भी लगाया गया था। आलाधिकारी लगातार भ्रमण कर रहे हैं। पुलिस के आलाधिकारियों की माने तो ऐसे लोगों को चिन्हत कर कडी कार्रवाही की जा रही है जो किसानों के आंदोलन में अराजकता पैदा कर सकते हैं। ऐसे लोगों पर लगातार नजर रखी जा रही है। जिस तरह की जिला प्रशासन की अभी तक की कार्रवाही रही है उसमें किसानों के अलावा जो लोग आंदोलन मंे कूद रहे हैं वह इस आंदोलन के अवांछनीय तत्व माने जा रहे हैं। किसान संगठनों ने यमुना एक्सप्रेस से लेकर गांव देहात तक के मार्गों को अवरूद्ध किया, जमकर प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की लेकिन कहीं किसी की कार्यकर्ता की गिरफ्तारी नहीं हुई। अधिकारी किसान संगठनों के साथ लगातार वार्ता कर रहे हैं। किसान नेता रामबाबू कटैलिया के साथ जिला प्रशासन लगातार संवाद बनाये हुए है। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) हो अथवा भाकियू भानू गुट, भाकियू अम्बावता जैसे संगठन पदाधिकारियों के साथ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों का लगातार संवाद बना हुआ है। इससे साफ है कि किसानों के साथ अभी किसी तरह के टकराव की स्थित सरकार बचना चाहती है जबकि राजनीतिक दलों से सख्ती से निपटने की रणनीति पर काम हो रहा है। पश्चिमी यूपी में किसान राजनीतिक का लम्बा इतिहास रहा है। मथुरा हरियाणा और राजस्थान सीमा का सीमावर्ती जनपद होने के चलते इस आंदोलन में बेहद महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। ग्वालियर, जयपुर, कानपुर, बरेली तक ट्रेफिक यहां की गतिविधियों से प्रभावित हो जाता है। दूसरी ओर एनएच-2, यमुना एक्सप्रेस वे, आगरा लखउन एक्सप्रेस वे भी जनपद की सीमा से गुजरते हैं। किसानों का आंदोलन दिल्ली की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर आवागमन को प्रभावित करता है। मथुरा की सीमा से सीधी नोएडा से होते हुए यमुना एक्सप्रेस वे के जरिये तथा एनएच टू के जरिये हरियाणा के पलवल से होते हुए दिल्ली को महत्वपूर्ण मार्ग जोडते हैं। जनपद में भारत बंद के दौरान राजनीतिक दलों की सक्रियाता को रोकने के लिए मंगलवार की सुबह छाता में सपा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उन्हें छाता कोतवाली ले जाया गया। दूसरी ओर मथुरा में होलीगेट से रालोद नेताओं को गिरफ्तार कर कोतवाली ले जाया गया। इसके बाद कांग्रेसी बाजार बंद कराने के लिए पहुंचें उन्हेंने भी पुलिस ने वक्त जाया न कर गिरफ्तार कर कोतवाली पहुंचा दिया।

आम आदमी पार्टी का विरोध सांकेतिक रहा और वह सुबह सबसे पहले होलीगेट पहुंचे लेकिन बिना किसी टकराव और गिरफ्तारी के वहां से निकल लिये। बसपा ने भी किसान आंदोलन को समर्थन दिया है लेकिन बसपा नेता और कार्यकर्ता भारतबंद के दौरान सडक पर नहीं उतरे। भारी संख्या में होलीगेट सहित शहर के सभी प्रमुख तिराहे चैराहों पर पुलिस बल तैनात था। वृंदावन में भी यही स्थिति रही। सपा ने सोमवार को भी मथुरा में डीग गेट पर आंदोलन किया था। 25 सपाईयों को गिरफ्तार कर पुलिस लाइन ले जाया गया था। जहां से निजी मुचलके पर इन्हें छोडा गया था। मंगलवार को सपा जिलाध्यक्ष को पुलिस ने घर से निकलने का मौका ही नहीं दिया और घर में नजरबंद कर दिया इससे सपा कार्यकर्ता भडक गये इसके बाद इन्हें गिरफ्तार कर पुलिस छाता कोतवाली ले गयी। भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं द्वारा अवैरनी चैराहा, मथुरा वृंदावन , मांट , गोवर्धन , सौंख , बाजना , फरह टोल आदि जगहों पर सड़कों को जाम कर सरकार के लाए गए तीनों कानूनों के विरोध में प्रदर्शन किया गया

भ्रमणशील रहे अफसर, दी पलपल की जानकारी
किसान आंदोलन को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में एसपी देहात श्रीशचंद, शहर में एसपी सिटी उदयशंकर सिंह के अलावा श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर एसपी सुरक्षा और एसपी क्राइम राधेश्याम राय तैनात रहे। जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र और एसएसपी डा.गौरव ग्रोवर शहर में मुस्तैद रहे।

रिजर्व में रही क्यूआरटी
क्यूआरटी एसएसपी के साथ ही रही। दो क्यूआरटी पुलिस लाइन में रिजर्व में रखी गई थीं। जैसे ही कोई सूचना आई तो तत्काल क्यूआरटी को रवाना किया जा सके। खुफिया विभाग भी सक्रिय बना हुआ है। खुफिया विभाग के अफसरों की किसान संगठनों की हरकतों पर निगाह लगी हुई है।

अग्निशमन की गाड़ियां की तैयार
अग्निशमन विभाग भी इस दौरान पूरी तरह से सजग और सतर्क बना रहा। एसएसपी डॉक्टर गौरव ग्रोवर ने बताया कि पुलिस और पीएसी के जवान मुस्तैद हैं। हर हाल में जनपद में शांति बनाए रखी जाएगी। शांति व्यवस्था से कोई भी खिलवाड़ करते पाया गया तो उस पर सख्त कार्रवाई होगी।

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