प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज का दिन पूरी तरह किसानों और कृषि सुधारों को समर्पित रहा। केंद्र सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किस्त आज देशभर के पात्र किसानों के खातों में जारी की गई। इस किस्त के साथ करोड़ों किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है, खासकर रबी सीज़न की खेती शुरू होने के बीच।
किसान-केंद्रित घोषणा के बाद प्रधानमंत्री का दक्षिण भारत दौरा भी आज के कार्यक्रम में अहम रहा। आंध्र प्रदेश में उनके आगमन को लेकर प्रशासन और स्थानीय संगठनों ने विस्तृत तैयारियाँ की थीं। इसके बाद प्रधानमंत्री तमिलनाडु के कृषि क्षेत्र से जुड़े एक बड़े सम्मेलन में शामिल होने वाले हैं, जहाँ प्राकृतिक खेती और टिकाऊ कृषि प्रणालियों पर विस्तार से चर्चा होगी। इस कार्यक्रम में वैज्ञानिकों, स्टार्ट-अप प्रतिनिधियों और ग्रामीण उद्यमियों की भागीदारी भी तय मानी जा रही है।
उधर राजनीतिक हलचल भी तेज है। बिहार में नई सरकार के शपथ-ग्रहण को लेकर तैयारियाँ अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम में भी शामिल हो सकते हैं। पटना में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठकों का दौर चल रहा है, जबकि राजनीतिक दल अपने स्तर पर कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी में जुटे हैं।
कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री मोदी का आज का दिन किसानों, कृषि विकास और राजनीतिक कार्यक्रमों — तीनों मोर्चों पर सक्रियता का प्रतीक रहा। आने वाले दिनों में इन कार्यक्रमों के राजनीतिक और आर्थिक प्रभाव को लेकर भी कड़ी नजर बनी हुई है।

